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जनभारती
मुक्त साफ़्ट्वेयर का स्थानीकरण
विकास, अभिनियोजन और सामुदायिक निर्माण
सी-डैक अपनी परियोजना 'जनभारती' शुरू करने की सहर्ष घोषणा करता है। इस परियोजना का नाम है मुक्त/खुला (ओपन सोर्स) सॉफ्ट्वेयर का स्थानीयकरण: 'विकास, अभिनियोजन और सामुदायिक निर्माण' । यह इस परियोजना का हेतु, सामुदायिक विकास मे योगदान करना एवंभारतीय भाषाओं में उपलब्धी के लिये, जीएनयू/लाइनक्स पर आधारित एक सॉफ्ट्वेयर प्रणाली का विकास करना हैं। इस परियोजना के लिये पर्याप्त निधि भारत सरकार के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी विकास (टीडीआइएल) समूह द्वारा उपलब्ध कराई गई हैं।
इस परियोजना का उद्देश्य मुक्त/खुली (ओपन सोर्स) प्राणालियों के जरिये भारतीय भाषाओं में संगणन का व्यापक प्रयोग करना तथा भारतीय भाषाओं में स्थानीयकृत अनुप्रयोग सुनिश्चित करना है।
इस परियोजना का पहला लक्ष्य है, भाषिक अवरोध दूर करते हुए और सस्ते साधनों से अपने समाज में सूचना-प्रौद्योगिकी के व्यापक प्रयोग एवं प्रसार में सहायता करने के लिये मुक्त/खुली (ओपन सोर्स) प्राणालियाँ, अनुप्रयोग और सामग्री प्रस्तुत और प्रचारित करने हेतु सामुदायिक पहलों को आमंत्रित, निर्मित और समर्थित करना है। इस प्रकार यह तथाकथित 'डिजिटल डिवाइड' को दूर करने में मदद करेगा।
इस परियोजना का और भी एक उद्देश्य है, भारतीय भाषाओं के लिये उपयुक्त प्रौद्योगिकी का विकास और प्रसार करना और साथ साथ उसे घरेलू उपयोग, सामूहिक अनुप्रयोग, शिक्षा, ग्रामीण क्षेत्र, इनफोकीऑस्क्स, साइबरकैफे, ई-गवर्नेंंस, सामग्री-निर्माण आदि विभिन्न भागों में इस प्रौद्योगिकी को अभिनियोजित करना।
सी-डैक पिछले १५ वर्षों से भी ज्यादा समय से भारतीय भाषा प्रौद्योगिकियों और उत्पादों के विकास और अभिनियोजन में अग्रणी रहा है। खास तौर से सी-डैक, मुम्बई उनकी इंडिक्स परियोजना के साथ सबसे आगे रहा है। इसके अलावा इंडिक लिपियों के बारे में विशेष रुप से प्रबुद्ध जीएनयू/लाइनक्स परिचालन-प्रणालियों का निर्माण करता है और जटिल लिपियों पर काम करने के लिये विश्व को एक व्यापक नजरिया प्रदान करता है। इंडिक्स परियोजना के तहत विकसित किये गए अनेक फॉंट अब टीडीआइल वेबसाइट पर जनता के लिये उपलब्ध हैं।
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